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契约之礼:约束恶规范善 调和人情中的两难
喻柔涓

  中国古人认为,礼是秩序的依据,也是秩序本身。礼,深深扎根在“人情”之中,用于“定亲疏,决嫌疑,别同异,明是非”。进入现代社会,社会生产方式的转变给人际联结带来诸多变化,人们开始推崇法治精神,相当一部分秩序超拔出“人情”而立于“契约”之上,契约精神逐步融入人们的生活。由此,契约成礼,水到渠成。 

  契约之礼,对人情之中“恶”的流露有所约束。这是极好理解的。一句朗朗上口风度翩翩的“Lady First”,本质就是契约之礼,是本着扶助“弱者”(或曰关爱女性)的精神,按性别要素为社会成员订立的不成文行为契约。其重,或如泰山,人之为人即便生死关头也受一股气力敦促,守之不怠——百年前那个海难降临的森森黑夜里,在汹涌冰水和无情死神面前,泰坦尼克号上的绅士们把生的希望留给了妇女孩童,不曾循着求生本能或仗着体力优势酿成逃生时刻的混乱。他们为契约之礼崇高殉道,永世流芳。

  契约之礼,对人情之中“善”的表达有所规范。这或许是有些费解的。某天行车至路口,迎面驶来一辆喘着粗气、闪着左转指示灯的大货车。我是要直行,但见状便刹停让行。大货车竟也同样停下。那一刻,我们都等对方先行,几成僵持。当是时,我心中煲起温暖的鸡汤,感动在心尖跃腾,直到想起“拐弯车辆礼让直行车辆”才分辨出相同谦让的不同境界——我的“谦让对方的道德优越感”和“规避被撞风险的空间安全感”皆出乎人情本能,货车司机的“不凭着车大而抢道的让行”却是更具理性、效率和规范感的契约自觉。复又想起无从考据却艺术真实的一例,说在英国,如果老奶奶带小孙子坐公交,小孙子倘若抢先上车,老奶奶也要把他拉下来,让自己先上,因为女士优先,不能坏了规矩,这便是契约精神对老奶奶这份宠溺孙辈的情感有所重塑了吧。听来搞笑却不无道理。 

  契约之礼,对人情之中“两难”的处境有所调和。譬如,为保护动物提倡素食,通过呼吁降低需求来逐渐减少屠杀,但人们对肉食的生理和心理依赖无法果断被道德禁足,人是如此的就入了两难之境。折中之后,就有约定:我们可以吃普通动物(非伴侣宠物、非列入保护名录的动物),但拒绝生前虐待并尽可能减少它们死亡一瞬的痛苦——哪怕饲养它就是为了吃它,也应该遵循起码的人道。这话听起来似乎多少有着伪君子气息,但它毕竟在努力促成一种契约,使人类欲望和动物尊严、人类兽性和文明景观达成浅度和解——那些为着私己的暴利、刺激或便利给猪注水、活吃猴脑、活体剥皮等残暴行为,实在是血淋淋坏了契约之礼。 

  契约之礼,不是动辄思辨人性的宏大哲学,说到底是为了学以致用的那份优雅,哪怕是在一处微小场景里,像一朵小花芬芳地盛开——日常生活里,女士们姑娘们,出电梯时,如果男上司让我们先走,是走还是不走呢?我想,不妨莞尔一笑,大大方方地走一个,坦然谢谢他们的契约之礼。

  关注契约之礼,融入契约之礼,享受契约之礼,当是一种人类文明进步的呼唤和愿景。(南通 喻柔涓)

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